अंकगणितीय अभियोग्यता

अंकगणितीय अभियोग्यता

संख्यात्मक अभियोग्यता या अंकगणितीय अभियोग्यता प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से सर्वथा महत्वपूर्ण विषय है जिसके अन्तर्गत तकरीबन एक चौथाई अंक निहित होते हैं। इस विषय को मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया जाता है- अंकगणित (Arithmetic), आंकड़ा निर्वचन (Data Interpretation) एवं उच्च गणित (Advanced Math) | भिन्न परीक्षाओं के लिहाज से इन खंडों के प्रश्नों की संख्या में कमी या वृद्धि देखी जा सकती है। मुख्य रूप से दो खंड अंकगणित (Arithmetic) और आंकड़ा निर्वचन (Data Interpretation) प्रत्येक परीक्षा का हिस्सा होते हैं।

  • अंकगणित (Arithmetic) के अन्तर्गत संख्या पद्धति (Number System), प्रतिशतता (Percentage), लाभ एवं हानि (Profit and Loss), अनुपात(Ratio), ब्याज(Interest) इत्यादि से संबंधित प्रश्न होते हैं।
  • आंकड़ा निर्वचन (Data Interpretation) के अन्तर्गत मुख्यतः वृत्तारेख (Pie Chart) , दण्डालेख (Bar graph) , रैखीय चित्र (Line graph) , मिश्रित आरेख (Mix Chart) , गणितीय गद्यांश अथवा गणितीय पहेली (Caselet) , एवं आंकड़ा विश्लेषन(Data Analysis) आदि के प्रश्न आते हैं।
  • उच्च गणित (Advanced Math) के अन्तर्गत बीजगणित (Algebra) , ज्यामिति (Geometry) आदि के प्रश्न आते हैं। यह खंड मुख्यतः कर्मचारी चयन आयोग (SSC), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) एवं केन्द्रीय रक्षा सेवा (CDS) की परीक्षा का हिस्सा हैं।
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